ऊधम सिंह नगर। उत्तराखंड में अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता मिली है। फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों और अवैध हथियारों के नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए एसटीएफ ने काशीपुर क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। इस संबंध में काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
एसटीएफ द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, 10 जून को काशीपुर क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार से चार अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद किए गए थे। मामले की जांच में सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, दीप्ती अग्रवाल समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी।
इसी क्रम में एसटीएफ की टीम ने देर रात रुद्रपुर रोडवेज के पास से नामजद आरोपी सौरभ अग्रवाल और उसके चालक अमित पाल को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक 12 बोर पंप एक्शन गन, 30 बोर और 32 बोर की पिस्टल सहित आठ जीवित कारतूस बरामद किए गए।
अधिकारियों के मुताबिक, राज्यभर में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत अब तक तीन अलग-अलग मामलों में सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा दर्जनभर से अधिक अवैध हथियार और कुल 315 कारतूस बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ ने बताया कि उत्तराखंड में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों और उनके धारकों का सत्यापन भी किया जा रहा है। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे मामलों में उत्तराखंड पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है।
एसटीएफ ने आम जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस से संबंधित कोई भी सूचना तत्काल पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।







