रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड सरकार के कृषि, सैनिक कल्याण एवं जनपद प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने अपने जनपद भ्रमण के दौरान अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन बहुप्रतीक्षित पुल एवं सुरंग परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। लगभग 156 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की जा रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना चारधाम यात्रा मार्गों की कनेक्टिविटी और यातायात व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
परियोजना के तहत 200 मीटर लंबा आधुनिक पुल और 900 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने प्रभारी मंत्री को परियोजना की प्रगति, तकनीकी विशेषताओं और निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अधिकांश प्रमुख कार्य पूरे किए जा चुके हैं।
जिलाधिकारी के अनुसार, पुल का वेट ट्रायल 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। सभी तकनीकी परीक्षण सफल रहने के बाद इस परियोजना को 15 अगस्त 2026 तक यातायात और चारधाम यात्रा संचालन के लिए खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निरीक्षण के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिशासी अभियंता ओमकार पांडेय सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह परियोजना केवल एक पुल और सुरंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रुद्रप्रयाग क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नया स्वरूप देने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना साबित होगी। वर्तमान में केदारनाथ और बदरीनाथ धाम जाने वाले वाहनों का अत्यधिक दबाव रुद्रप्रयाग नगर क्षेत्र में रहता है, जिससे यात्रा सीजन में लंबे जाम की स्थिति बन जाती है।
नई परियोजना के शुरू होने के बाद केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग और बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के बीच बेहतर संपर्क स्थापित होगा। इससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुचारु और व्यवस्थित हो सकेगी। श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान कम समय में बेहतर सुविधा मिलेगी और स्थानीय लोगों को भी यातायात जाम की समस्या से काफी राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और आधुनिक बनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को भी नई गति प्रदान करेगी।







