हर की पैड़ी पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को भक्ति और अध्यात्म का अनूठा संगम देखने को मिला। कथा के छठे दिन प्रख्यात कवि और कथावाचक कुमार विश्वास तथा राज्यमंत्री ओम प्रकाश जमदग्नि कथा स्थल पहुंचे। दोनों अतिथियों ने व्यास गद्दी का पूजन कर कथा व्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर कुमार विश्वास ने श्री गंगा सभा द्वारा आयोजित कथा की सराहना करते हुए कहा कि यदि व्यक्ति अपने जीवन में भीतर और बाहर दोनों ओर उजाला चाहता है, तो उसे धर्म और अध्यात्म के मार्ग पर चलना होगा। उन्होंने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली शक्ति है। अध्यात्म मनुष्य को संयम, सेवा और सदाचार का मार्ग दिखाता है।
कार्यक्रम में श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम और महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने कथा आयोजन को सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
कथा व्यास मन्माध्व गौडेश्वर वैष्णवाचार्य पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोपी प्रेम और भक्तों के प्रति उनकी करुणा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने पूतना वध, कालिया नाग दमन और गोवर्धन लीला के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान सदैव अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और धर्म की स्थापना के लिए समय-समय पर अवतार लेते हैं।
गोस्वामी महाराज ने श्रद्धालुओं से जीवन में सेवा, संस्कार और सत्संग अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण ही सबसे बड़ा साधन है, जिससे जीवन में सुख, शांति और आत्मिक आनंद प्राप्त होता है।
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति रस का आनंद लिया।








