देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, तकनीकी और रोजगारोन्मुखी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। विद्यालयी शिक्षा विभाग ने इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड, काशीपुर और प्राविधिक शिक्षा विभाग के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन समझौतों का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों के शैक्षिक ढांचे को मजबूत करना और विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ना है।
एससीईआरटी सभागार, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उसे कौशल विकास, तकनीकी ज्ञान और रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में विद्यार्थियों को स्कूली स्तर से ही भविष्य की चुनौतियों और रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना आवश्यक है।
प्राविधिक शिक्षा विभाग के साथ हुए समझौते के तहत प्रदेश के राजकीय विद्यालयों और इंटर कॉलेजों को निकटवर्ती राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों से जोड़ा जाएगा। इससे छात्रों को तकनीकी शिक्षा की जानकारी और प्रशिक्षण प्राप्त होगा। कक्षा 10 उत्तीर्ण विद्यार्थियों को डिप्लोमा प्रथम वर्ष में तथा विज्ञान वर्ग से 12वीं पास विद्यार्थियों को लेटरल एंट्री के माध्यम से डिप्लोमा द्वितीय वर्ष में प्रवेश का अवसर मिलेगा।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इंडिया ग्लाइकोल्स लिमिटेड अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निधि के माध्यम से सरकारी विद्यालयों में डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट शिक्षण संसाधन, शिक्षकों के क्षमता विकास कार्यक्रम और आधुनिक शैक्षिक सुविधाओं के विकास में सहयोग करेगी। इससे विद्यालयों में सुरक्षित, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षण वातावरण तैयार होगा।
डॉ. रावत ने कहा कि इन समझौतों से प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे, पॉलीटेक्निक संस्थानों में छात्र संख्या बढ़ेगी और सरकारी विद्यालय नवाचार एवं कौशल विकास के मॉडल के रूप में विकसित होंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल राज्य के विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धी, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







