रजरप्पा। रामगढ़ प्रखंड के कैथा स्थित सिंगल विंडो प्रशिक्षण केंद्र में खरीफ फसल को लेकर प्रखंड स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में किसानों को खरीफ सीजन की खेती, आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि रामगढ़ 20 सूत्री सदस्य हीरालाल महतो ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यशाला में रामगढ़ प्रखंड के कुंदरू कला, बारलोंग, दोहाकातू तथा वार्ड संख्या 26, 27 और 29 के प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को इस वर्ष कम वर्षा होने की संभावना को देखते हुए दलहन फसलों की खेती पर विशेष जोर देने की सलाह दी। किसानों को अरहर, उड़द, मूंग, मसूर, मक्का, मड़ुवा, बाजरा और गुंदली जैसी फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान धान की फसल में नैनो यूरिया लिक्विड और नैनो जिंक दवा के उपयोग की जानकारी भी दी गई। कृषि अधिकारियों ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं। साथ ही किसानों को खेतों में दवा छिड़काव और पोषक तत्वों के संतुलित उपयोग के तरीके समझाए गए।
कार्यक्रम में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के आधार पर किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। बताया गया कि इस वर्ष वर्षा सामान्य से 40 से 50 प्रतिशत कम हो सकती है। इसके अलावा बरसात के मौसम में वज्रपात से बचाव को लेकर भी जागरूक किया गया।
कार्यशाला में आरबीआई सीएफएल कोऑर्डिनेटर पम्मी कुमारी ने प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारी, तकनीकी प्रबंधक, कृषक मित्र और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।








