रजरप्पा। रामगढ़ के वार्ड 27 स्थित हुहुवा गांव में पारंपरिक मंडा पर्व इस वर्ष भी आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। शनिवार देर रात आयोजित मंडा पूजा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पूरे गांव में धार्मिक माहौल देखने को मिला, जहां शिवभक्तों ने कठिन तप और अनुष्ठानों के माध्यम से अपनी अटूट श्रद्धा का परिचय दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ वार्ड 27 की पार्षद लीला देवी ने छऊ नृत्य सांस्कृतिक मंच का फीता काटकर किया। पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से गांव-गांव और घर-घर में मां पार्वती के पाठ का आयोजन किया गया था। ग्रामीणों ने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की।
मंडा पर्व के दौरान पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से आए छऊ नृत्य कलाकारों ने रातभर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने मुखौटा पहनकर लोकगीतों और पारंपरिक नृत्यों के जरिए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ग्रामीण देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लेते रहे।
रविवार सुबह मंडा पूजा का सबसे आकर्षक और रोमांचक दृश्य देखने को मिला, जब 101 शिवभक्तों ने दहकते अंगारों पर नंगे पांव चलकर अपनी आस्था प्रकट की। भक्तों ने 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखते हुए भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना की। इसके अलावा कई भक्तों ने पीठ में लोहे की कील लगाकर करीब 20 फीट ऊंची झूलन झूलकर शिवभक्ति की कठिन परीक्षा दी।
पूरे आयोजन में ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के बीच भक्तिमय वातावरण बना रहा। पूजा समिति के अध्यक्ष रोशन कुमार, सचिव लक्ष्मीकांत महतो, संरक्षक लखन बेदिया समेत कई ग्रामीणों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंडा पर्व ने एक बार फिर क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक परंपराओं को जीवंत कर दिया।








