यमुनोत्री धाम में चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार को एक और श्रद्धालु की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इसके साथ ही यमुनोत्री धाम में अब तक 11 श्रद्धालु अपनी जान गंवा चुके हैं। लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाओं और आपातकालीन सेवाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मृतक की पहचान 62 वर्षीय बलवंत कारभारी सावंत के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के नासिक जिले के डोगर गांव के निवासी थे। बताया जा रहा है कि वह अपने परिवार के साथ चारधाम यात्रा पर उत्तराखंड आए थे। यमुनोत्री धाम के दर्शन करने के बाद वह गंगोत्री धाम के लिए रवाना होने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
परिजनों के अनुसार बलवंत सावंत को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें चिकित्सकीय सहायता के लिए ले जाया गया, लेकिन उनकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है। प्रशासन ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और परिजनों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी, अत्यधिक थकान, हृदय संबंधी बीमारियां और मौसम में अचानक बदलाव श्रद्धालुओं के लिए खतरा बन रहे हैं। प्रशासन लगातार यात्रियों से यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराने, पर्याप्त आराम करने और किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील कर रहा है।
लगातार बढ़ती मौतों के बाद अब यात्रा मार्गों पर मेडिकल सुविधाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को और मजबूत करने की मांग तेज हो गई है।








