---Advertisement---

डीएम सविन बंसल की संवेदनशील पहल, अब आसान होगा दिव्यांगजनों का सफर

देहरादून में दिव्यांगजनों, वृद्धजनों और बेसहारा महिलाओं एवं बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील पहल की है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने शनिवार को जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) और केदारपुरम स्थित राजकीय नारी निकेतन के लिए अलग-अलग निःशुल्क ईवी वाहन सेवाओं का शुभारंभ किया। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर इन वाहनों को रवाना किया।

प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अस्पताल, पुनर्वास केंद्र और अन्य सरकारी सेवाओं तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर डीएम सविन बंसल ने कहा कि दिव्यांग और वृद्धजनों का जीवन आसान बनाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने बताया कि गांधी शताब्दी जिला चिकित्सालय में राज्य का पहला जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) स्थापित किया गया है। यहां दिव्यांगजनों को फिजियोथेरेपी, मनोवैज्ञानिक परामर्श, दिव्यांग प्रमाण पत्र, कृत्रिम अंग वितरण और पुनर्वास जैसी कई सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

डीएम ने कहा कि डीडीआरसी से जुड़े कई दिव्यांग और वृद्धजन विभिन्न अस्पतालों और संस्थानों में उपचार एवं अन्य कार्यों के लिए आते-जाते हैं। परिवहन सुविधा की कमी के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन ने यह निःशुल्क ईवी वाहन सेवा शुरू की है।

इस पहल से दिव्यांगजन, वृद्धजन और बेसहारा महिलाओं एवं बच्चों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की इस मानवीय पहल की सराहना की है।

जिला प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सुविधाएं समाज के कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

Related Post

LATEST Post

---Advertisement---