हरिद्वार के रोहालकी किशनपुर स्थित एक निजी नर्सिंग कॉलेज में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब जीएनएम और बीएससी नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि कॉलेज ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) से मान्यता प्राप्त होने का दावा करते हुए उनका दाखिला लिया और उनसे एक साल से लेकर छह माह तक की फीस अग्रिम जमा कराई। अब कोर्स पूरा होने के बाद कॉलेज प्रबंधन द्वारा यह बताया जा रहा है कि संबंधित कोर्स को आईएनसी की मान्यता प्राप्त ही नहीं है।
इस खुलासे के बाद छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिली। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉलेज परिसर में एकत्र हुए और प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि उन्होंने बेहतर भविष्य और नर्सिंग क्षेत्र में करियर बनाने के उद्देश्य से कॉलेज में प्रवेश लिया था, लेकिन अब उनका पूरा भविष्य अधर में लटक गया है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने शुरुआत से ही उन्हें गुमराह किया और मान्यता से जुड़े दस्तावेजों की सही जानकारी नहीं दी। कई छात्रों का कहना है कि उनके अभिभावकों ने आर्थिक तंगी के बावजूद फीस जमा की, लेकिन अब उन्हें धोखे का सामना करना पड़ रहा है।
मामले की जानकारी मिलने पर किसान नेता दाताराम भी कॉलेज पहुंचे और छात्रों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं, कॉलेज प्रबंधन की ओर से अभी तक मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।








