देहरादून। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण द्वारा चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर (आईसीसीसीसी) के जरिए चारधाम हेली सेवाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। खराब मौसम के बावजूद हेली संचालन को सुरक्षित बनाए रखने के लिए यह केंद्र चौबीसों घंटे सक्रिय है।
आईसीसीसीसी में नागर विमानन महानिदेशालय, भारत मौसम विज्ञान विभाग और यूकाडा की संयुक्त टीम एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ समन्वय कर हेली सेवाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग कर रही है। हेलीकॉप्टरों की हर उड़ान, रूट और ट्रैकिंग सिस्टम पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित रह सके।
अधिकारियों के अनुसार चारधाम यात्रा के दौरान अब तक हेली टिकटिंग में किसी प्रकार की धोखाधड़ी की शिकायत सामने नहीं आई है। श्रद्धालु केवल आधिकारिक पोर्टल [heliyatra.co.in](https://heliyatra.co.in?utm_source=chatgpt.com) के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर रहे हैं। यूकाडा ने यात्रियों से फर्जी वेबसाइटों और अनधिकृत एजेंटों से सावधान रहने की अपील भी की है।
यूकाडा के आंकड़ों के अनुसार 22 अप्रैल से अब तक 21 हजार से अधिक श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से चारधाम यात्रा कर चुके हैं। फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी से संचालित शटल सेवाओं के जरिए 17,976 यात्रियों को धामों तक पहुंचाया गया, जबकि चार्टर्ड सेवाओं के माध्यम से 3,974 श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए।
अधिकारियों का कहना है कि मौसम खराब होने की स्थिति में भी आईसीसीसीसी सिस्टम के जरिए उड़ानों पर रियल टाइम निगरानी रखी जा रही है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित निर्णय लिया जा सके। इससे यात्रियों की सुरक्षा के साथ हेली सेवाओं का संचालन भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी हुआ है।
चारधाम यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सरकार और यूकाडा तकनीकी व्यवस्थाओं को और मजबूत करने में जुटे हुए हैं।








