देहरादून। अंतरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस के अवसर पर दून मेडिकल कॉलेज संबद्ध दून चिकित्सालय में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने नर्सिंग समुदाय के योगदान की सराहना करते हुए स्वास्थ्य व्यवस्था में उनकी भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि चिकित्सक, नर्सिंग अधिकारी, सहायक चिकित्सा कर्मी और अन्य स्वास्थ्यकर्मी स्वास्थ्य व्यवस्था के अभिन्न अंग हैं। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सभी के बीच आपसी समन्वय, सम्मान और सहयोग आवश्यक है।
उन्होंने कोविड-19 महामारी के कठिन दौर को याद करते हुए कहा कि नर्सिंग समुदाय की अथक सेवा, संवेदनशीलता और समर्पण के कारण हजारों मरीजों की जान बचाई जा सकी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में आने वाला हर मरीज भावनात्मक रूप से संवेदनशील स्थिति में होता है और ऐसे समय में नर्सें केवल चिकित्सा सेवा ही नहीं बल्कि भरोसा और मानवीय संवेदना भी प्रदान करती हैं।
स्थानांतरण नीति पर बोलते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रही है और स्वास्थ्यकर्मियों को यथासंभव उनके गृह जनपद में तैनाती देने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान नर्सिंग अधिकारियों ने नर्सिंग दिवस भत्ता, चिकित्सालय भत्ता और गणवेश भत्ता सहित विभिन्न मांगें स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष रखीं। इस पर सुबोध उनियाल ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि गणवेश भत्ता जल्द उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने नर्सिंग समुदाय की गरिमा और सम्मान की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
कार्यक्रम में नर्सिंग अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे। पहाड़ी लोकसंगीत और लोकनृत्य ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। साथ ही चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत अलग नर्सिंग नियमावली बनाने की मांग भी रखी गई।








