देहरादून। मई महीने के अंतिम वीकेंड और पूर्णिमा के विशेष संयोग के चलते उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। रविवार को राज्य के कई शहरों में यातायात व्यवस्था चरमरा गई और लोगों को लंबे जाम का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक असर मसूरी, हरिद्वार और नैनीताल में देखने को मिला, जहां सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
राजधानी देहरादून से मसूरी जाने वाले मार्गों पर सुबह से ही वाहनों का दबाव बढ़ने लगा था। मसूरी के प्रवेश मार्ग, माल रोड और प्रमुख पर्यटन स्थलों के आसपास घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। पर्यटकों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक समय लगाना पड़ा। कई स्थानों पर वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए।
हरिद्वार में भी स्थिति कुछ अलग नहीं रही। पूर्णिमा स्नान और वीकेंड अवकाश के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक हरिद्वार पहुंचे। इसके चलते हरिद्वार हाईवे पूरी तरह वाहनों से भर गया। शहर के प्रमुख मार्गों और घाटों के आसपास भी भारी भीड़ देखने को मिली। यातायात का दबाव इतना अधिक था कि कई स्थानों पर लंबा इंतजार करना पड़ा।
नैनीताल सहित अन्य पर्वतीय पर्यटन स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। होटल, पार्किंग स्थल और प्रमुख दर्शनीय क्षेत्रों में दिनभर रौनक बनी रही। पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों के लिए यह भीड़ राहत लेकर आई, जबकि यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बना रहा।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय रहीं। कई संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और यातायात को सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए गए। हालांकि वाहनों की अत्यधिक संख्या के कारण जाम की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी।
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले यातायात और मौसम संबंधी जानकारी अवश्य प्राप्त करें तथा निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।








