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सीसीएल और वन विभाग के खिलाफ वन समितियों का बड़ा फैसला, होगा केंद्रीय सम्मेलन

रामगढ़। Mandu विधानसभा क्षेत्र के कुजू पूर्वी केंद्रीय वन पर्यावरण सह प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को कुजू पंचायत भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता वीरू महतो ने की, जिसमें वन समितियों के पुनर्गठन और उन्हें सक्रिय करने को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में क्षेत्र के विभिन्न वन समिति प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

बैठक के दौरान समिति सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र में वन भूमि पर लगातार खनन गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे पर्यावरण और ग्रामीण जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। विशेष रूप से Central Coalfields Limited (सीसीएल) द्वारा वन भूमि पर खनन किए जाने को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। समिति ने आरोप लगाया कि वन विभाग की ओर से एनओसी जारी करने से पहले स्थानीय वन समितियों की सहमति नहीं ली जा रही है, जो ग्रामीणों और वन संरक्षण से जुड़े नियमों की अनदेखी है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे को लेकर प्रभावित क्षेत्रों में अलग-अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी और इसके बाद व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। समिति सदस्यों ने स्पष्ट कहा कि यदि वन भूमि पर अवैध या बिना सहमति के खनन कार्य जारी रहा, तो इसके खिलाफ जोरदार जनआंदोलन किया जाएगा।

इसके अलावा केंद्रीय स्तर पर सभी वन समितियों का सम्मेलन आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया, ताकि वन संरक्षण और स्थानीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर एकजुट रणनीति बनाई जा सके। आगामी 2 जून को पेटरवार सभागार में पीसीसीएफ रांची की अध्यक्षता में जेएफएमसी कार्यकर्ताओं की तैयारी बैठक भी आयोजित की जाएगी।

बैठक में केंद्रीय उपाध्यक्ष विष्णु चरण महतो, सचिव मोहम्मद सुलेमान अंसारी, गंगाधर महतो, अशोक सिंह, लाल बहादुर महतो, चंद्रदेव महतो, बलदेव महतो, जयनाथ महतो सहित कई सदस्य मौजूद रहे। सभी ने वन संरक्षण और ग्रामीण हितों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

 

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