---Advertisement---

चौकुनी वन पंचायत में धधकी आग से मचा हड़कंप, धुएं से घिरा पूरा इलाका

रानीखेत। उत्तराखंड में बढ़ती गर्मी के साथ वनाग्नि की घटनाएं लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। गुरुवार को रानीखेत-गगास मोटर मार्ग स्थित घिंघारीखाल के नीचे चौकुनी वन पंचायत क्षेत्र में भीषण आग लगने से तीन हेक्टेयर से अधिक जंगल जलकर राख हो गए। आग इतनी तेजी से फैली कि चौकुनी, मौना और गगास क्षेत्र के सड़क किनारे फैले जंगल देखते ही देखते धधक उठे। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार जंगल में लगी आग ने कुछ ही समय में बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों और घने धुएं के कारण आसपास का पूरा इलाका धुंध से भर गया। वनाग्नि के चलते क्षेत्र के तापमान में भी बढ़ोतरी महसूस की गई, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से अलग-अलग स्थानों पर जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे वन संपदा के साथ वन्यजीवों को भी खतरा पैदा हो गया है।

घटना की सूचना मिलते ही मझखाली वन क्षेत्र की वन दरोगा हेमा के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पढोली बीट प्रभारी अमर सिंह, मनीष पांडे और चार फायर वाचरों की टीम ने आग बुझाने का अभियान शुरू किया। वन विभाग के कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया।

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेज गर्मी और सूखे मौसम के कारण जंगलों में आग तेजी से फैल रही है। विभाग लगातार संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा रहा है और लोगों से भी जंगलों में आग से बचाव को लेकर सतर्क रहने की अपील की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ रही वनाग्नि की घटनाएं पर्यावरण और जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं। समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

Related Post

LATEST Post

---Advertisement---