देहरादून। धन सिंह रावत ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि राज्य में सहकारिता से जुड़े सभी निर्माण कार्य अब उत्तराखंड आवास एवं निर्माण सहकारी संघ के माध्यम से कराए जाएंगे। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 10 करोड़ रुपये तक की लागत वाले सभी निर्माण कार्य आवास संघ को कार्यदायी संस्था के रूप में सौंपे जाएं।
अपने शासकीय आवास पर आयोजित बैठक में डॉ. रावत ने सहकारिता विभाग और उत्तराखंड आवास एवं निर्माण सहकारी संघ के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सहकारिता मॉडल को मजबूत बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोजगार और विकास को बढ़ावा देना है।
बैठक में राज्य की महत्वाकांक्षी माधो सिंह भंडारी सामूहिक सहकारी खेती योजना पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस योजना का संचालन किसी शीर्ष सहकारी संस्था या फेडरेशन के माध्यम से किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके। उन्होंने कहा कि सहकारिता मॉडल राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रहा है।
उत्तराखंड आवास एवं निर्माण सहकारी संघ की प्रबंध निदेशक ईरा उप्रेती ने बैठक में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि संघ को वर्तमान में 102 निर्माण कार्य आवंटित किए गए हैं। इन परियोजनाओं की कुल लागत करीब 41 करोड़ 60 लाख रुपये है। इनमें से 51 कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि शेष कार्य प्रगति पर हैं।
राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के परियोजना निदेशक आनंद शुक्ला ने भी विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति रिपोर्ट बैठक में प्रस्तुत की।
बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद, निबंधक सहकारिता डॉ. मेहरबान बिष्ट, अनु सचिव सुरेंद्र दत्त बेलवाल, संयुक्त निबंधक नीरज बेलवाल और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।








