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राजरप्पा मंदिर में बड़ा बदलाव! दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर प्रशासन का बड़ा फैसला

राजरप्पा मंदिर परिसर के प्रस्तावित पुनर्विकास और विस्थापित दुकानदारों के पुनर्वास को लेकर रामगढ़ समाहरणालय सभाकक्ष में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त रामगढ़ श्री ऋतुराज ने की। इस महत्वपूर्ण बैठक में झारखंड सरकार के दर्जा प्राप्त मंत्री श्री फागु बेसरा, रामगढ़ विधायक श्रीमती ममता देवी, वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री नीतीश कुमार, मंदिर न्यास समिति, मंदिर प्रबंधन समिति, दुकानदार समिति के प्रतिनिधियों समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देशों के आलोक में राजरप्पा मंदिर परिसर के समग्र पुनर्विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। खास तौर पर मंदिर परिसर में संचालित दुकानों, संभावित विस्थापन, दुकानदारों के पुनर्वास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर बनाने को लेकर गंभीर मंथन हुआ।

प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई कि पुनर्विकास कार्य के दौरान प्रभावित होने वाले दुकानदारों के लिए अस्थायी रूप से 271 नई दुकानों का निर्माण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुनर्विकास के दौरान किसी दुकानदार की आजीविका प्रभावित न हो और श्रद्धालुओं को पूजा सामग्री एवं अन्य जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता में कोई परेशानी न आए।

बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री श्री फागु बेसरा ने कहा कि राजरप्पा मंदिर झारखंड की आस्था और धार्मिक पहचान का प्रमुख केंद्र है। सरकार मंदिर परिसर के विकास के साथ-साथ स्थानीय दुकानदारों और आम लोगों के हितों की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सभी विकास कार्य आपसी सहमति और समन्वय के साथ पूरे किए जाएंगे।

वहीं विधायक श्रीमती ममता देवी ने प्रशासन से आग्रह किया कि पुनर्विकास के दौरान किसी भी दुकानदार को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय लोगों के रोजगार और आर्थिक हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए।

उपायुक्त श्री ऋतुराज ने कहा कि राजरप्पा मंदिर परिसर के पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पुनर्वास, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।

बैठक के दौरान मंदिर प्रबंधन समिति और दुकानदार समिति के सदस्यों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे, जिस पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया।

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