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रेड अलर्ट के बीच पहाड़ों में संकट! कहीं यात्री फंसे, कहीं ट्रैकर लापता, प्रशासन हाई अलर्ट पर

 देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने रविवार को विकराल रूप धारण कर लिया। प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी-तूफान के चलते जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग द्वारा जारी रेड अलर्ट के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। खराब मौसम और सुरक्षा कारणों से केदारनाथ यात्रा को रविवार सुबह 10 बजे से अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली गिरने, तेज बारिश और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। इसके मद्देनजर प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील की है।

इसी बीच केदारनाथ यात्रा मार्ग से दुखद खबर भी सामने आई है। यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में मध्य प्रदेश के 76 वर्षीय गोपाल मिश्रा, गुजरात के 52 वर्षीय नावघंजी लक्ष्मणजी ठाकुर और तेलंगाना के 49 वर्षीय बालागनी बलराजू शामिल हैं। तीनों श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए यात्रियों को आगे बढ़ने से रोक दिया है। श्रद्धालुओं को ऋषिकेश, श्रीनगर, सोनप्रयाग और गुप्तकाशी स्थित होल्डिंग क्षेत्रों में सुरक्षित ठहराया गया है। गौरतलब है कि इस यात्रा सीजन में अब तक 26 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं।

चंपावत जिले में भी मौसम का असर देखने को मिला। पूर्णागिरि दर्शन कर लौट रहे 50 से अधिक श्रद्धालु बाटनागाड़ क्षेत्र में उफनती नदी के बीच फंस गए, जिन्हें एसडीआरएफ की टीम ने सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं, आकाशीय बिजली गिरने से एक घर में आग लग गई, जिसमें एक मवेशी झुलस गया और एक महिला बेहोश हो गई।

उधर, उत्तरकाशी के बुग्याल ट्रेक पर गई नैनीताल निवासी महिला ट्रैकर बबीता पांडे लापता हो गई हैं। वन विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम उनकी तलाश में जुटी हुई है। मौसम विभाग ने 5 जून तक पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है।

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