रामगढ़ प्रखंड के कुंदरू कला स्थित लोधमा गांव में पारंपरिक मंडा पर्व इस वर्ष भी श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक उत्साह के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। बुधवार देर रात आयोजित इस धार्मिक पर्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश युवा राजद के सचिव जीतेन्द्र यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि रामगढ़ राजद जिलाध्यक्ष मनीष यादव ने उद्घाटनकर्ता के रूप में कार्यक्रम की शुरुआत कराई।
मंडा पूजा के अवसर पर छऊ नृत्य सांस्कृतिक मंच का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया गया। इस दौरान पश्चिम बंगाल के बागमुंडी पुरुलिया और टाटा कांडरा से पहुंचे कलाकारों ने पारंपरिक मुखौटा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। रातभर चले इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक धार्मिक और लोकगीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पूजा समिति के सदस्यों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से मां पार्वती के पाट को गांव-गांव और घर-घर पहुंचाकर पूजा-अर्चना की गई थी। मंडा पर्व के दौरान 61 शिवभक्तों ने लहटन सेवा देकर अपनी गहरी आस्था का परिचय दिया। गुरुवार सुबह भक्तों और भोक्ताओं ने जलते अंगारों पर नंगे पैर चलकर भगवान शिव और माता पार्वती के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
सबसे आकर्षक दृश्य तब देखने को मिला जब श्रद्धालुओं ने 36 घंटे का निर्जला उपवास रखने के बाद ढोल-नगाड़ों और गाजे-बाजे के बीच अपने शरीर में लोहे की कील ठोककर लगभग 20 फीट ऊंचे खंभे पर बनस झूला झूला। यह दृश्य देखने के लिए आसपास के गांवों से भी भारी संख्या में लोग पहुंचे थे।
पूरे आयोजन को सफल बनाने में शंभू बेदिया, बबलू यादव, कैलाश यादव, शंकर यादव, हीरा गोप सहित कई ग्रामीणों और पूजा समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंडा पर्व ने एक बार फिर क्षेत्र की लोक संस्कृति, धार्मिक परंपरा और सामुदायिक एकता की अनूठी मिसाल पेश की।








