चमोली। उत्तराखंड की सीमांत और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नीती घाटी में रविवार को ‘नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का शानदार शुभारंभ हुआ। देश के 28 राज्यों से पहुंचे 933 प्रतिभागियों ने इस रोमांचक और चुनौतीपूर्ण प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर आयोजन को राष्ट्रीय स्तर की पहचान दिलाई। यह विशेष आयोजन 31 मई से 2 जून तक आयोजित किया जा रहा है।
हिमालय की दुर्गम वादियों और चीन सीमा के निकट आयोजित इस अल्ट्रा रन को देश की सबसे कठिन पर्वतीय दौड़ों में शामिल माना जा रहा है। ऊंचाई, कठिन भूगोल और बदलते मौसम के बीच प्रतिभागियों ने अपने साहस, फिटनेस और धैर्य का शानदार प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के पहले दिन दो प्रमुख श्रेणियों की दौड़ आयोजित की गई। पहली 75 किलोमीटर की अल्ट्रा मैराथन थी, जो रिमखिम से शुरू होकर नीती होते हुए मलारी तक पहुंची। इस चुनौतीपूर्ण रेस में 117 धावकों ने भाग लिया। कठिन चढ़ाई और ऊबड़-खाबड़ रास्तों के बावजूद प्रतिभागियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
इसके अलावा मलारी-नीती-मलारी मार्ग पर 42 किलोमीटर की मैराथन आयोजित की गई, जिसमें 118 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। धावकों ने सीमांत क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता के बीच अपनी क्षमता और सहनशक्ति का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में शामिल प्रतिभागियों ने इसे अपने जीवन के सबसे यादगार और चुनौतीपूर्ण अनुभवों में से एक बताया।
आयोजकों के अनुसार आगामी दिनों में 5 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 21 किलोमीटर की दौड़ प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही समापन अवसर पर माउंटेन बाइक (एमटीबी) चैलेंज भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।
‘नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना, स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस आयोजन से क्षेत्रीय पर्यटन को नई पहचान मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
सीमांत क्षेत्र में आयोजित यह अनूठा खेल आयोजन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।








