---Advertisement---

उर्दू पढ़ने वालों के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते, विशेषज्ञों ने दिए खास टिप्स

रामगढ़। Anjuman Farogh-e-Urdu की जिला इकाई द्वारा चितरपुर स्थित बिस्मिल्लाह मैरेज हॉल में करियर काउंसलिंग सह सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में उर्दू विषय लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले करीब 200 विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और सम्मान पदक देकर सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यार्थियों के लिए विशेष करियर काउंसलिंग सत्र का भी आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उर्दू भाषा को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों के बीच रोजगार को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना था। काउंसलिंग के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि उर्दू विषय पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं और यह भाषा किसी भी क्षेत्र में बाधा नहीं बल्कि सहायक साबित हो रही है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि Shahzada Anwar ने कहा कि आज पश्चिमी संस्कृति और भाषा की अंधी दौड़ में लोग अपनी मातृभाषा और सभ्यता से दूर होते जा रहे हैं। ऐसे समय में उर्दू भाषा के संरक्षण और उसके प्रति युवाओं में रुचि बढ़ाने का अभियान बेहद जरूरी है। उन्होंने अंजुमन फराेग-ए-उर्दू के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।

विशिष्ट अतिथि जकाउल्लाह और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता तारिक अनवर ने भी मातृभाषा उर्दू को शिक्षा और दैनिक जीवन से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा के संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए।

कार्यक्रम में जेएन कॉलेज धुर्वा रांची के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मो. ग़ालिब नश्तर और एलआईसी ऑफ इंडिया के सेवानिवृत्त डेवलपमेंट ऑफिसर हाजी फखरे आलम ने विद्यार्थियों को करियर संबंधी मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि आज उर्दू भाषी विद्यार्थी प्रशासन, शिक्षा, पत्रकारिता, साहित्य और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

Related Post

LATEST Post

---Advertisement---