देहरादून। उत्तराखंड सरकार प्रदेश के रेशम उद्योग को नई पहचान दिलाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। सहकारिता मंत्री Dhan Singh Rawat ने प्रेमनगर स्थित उत्तराखंड कोऑपरेटिव रेशम फेडरेशन लिमिटेड के सिल्क पार्क भवन मुख्यालय का निरीक्षण कर ‘दून सिल्क’ ब्रांड को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए ठोस रणनीति बनाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने दून सिल्क रिटेल आउटलेट, रेशम वस्त्र बुनाई कार्यशाला, प्रशिक्षण केंद्र और कार्यालय का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने बुनकरों और कारीगरों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अनुभव सुने। डॉ. रावत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुनकरों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और उत्पादों की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी न रहे।
उन्होंने कहा कि ‘दून सिल्क’ को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अलग पहचान दिलाने के लिए प्रभावी मार्केटिंग प्लान तैयार किया जाए। साथ ही रेशम उत्पादों की पैकेजिंग और डिजाइन को भी आधुनिक बनाया जाए, ताकि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ सके।
डॉ. धन सिंह रावत ने फेडरेशन को प्रदेश के विश्वविद्यालयों में आयोजित होने वाले दीक्षांत समारोहों के लिए परिधान तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के विश्वविद्यालयों में हर साल लगभग एक लाख छात्र-छात्राओं को दीक्षांत समारोह के लिए ड्रेस की आवश्यकता होती है। ऐसे में यह रेशम उद्योग और स्थानीय कारीगरों के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रेशम उद्योग से जुड़े बुनकरों और कारीगरों के हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। यह उद्योग ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि बुनकरों को आधुनिक प्रशिक्षण, विपणन सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उत्तराखंड के रेशम उत्पाद देशभर में नई पहचान बना सकें।








