Indian Institute of Technology Roorkee में शुक्रवार को केंद्रीय विद्युत मंत्री Manohar Lal Khattar ने सेंटर फॉर रेगुलेटरी अफेयर्स का उद्घाटन किया। यह केंद्र Forum of Regulators और आईआईटी रुड़की की संयुक्त पहल के तहत स्थापित किया गया है। इस पहल को भारत के तेजी से बदलते विद्युत क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
फोरम ऑफ रेगुलेटर्स देश का एक वैधानिक निकाय है, जो केंद्रीय और राज्य विद्युत नियामकों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा नियामकीय प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने का कार्य करता है। नए केंद्र का उद्देश्य विद्युत क्षेत्र में अनुसंधान, क्षमता निर्माण, नीति सहयोग और ज्ञान प्रसार को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भारत का विद्युत क्षेत्र तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। बढ़ती बिजली मांग, नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार, डिजिटल तकनीकों का बढ़ता उपयोग और विस्तारित बिजली बाजार जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत नियामकीय ढांचे की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि जून 2024 में मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालने के बाद से सरकार विद्युत क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, कुशल और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
मंत्री ने बताया कि आईआईटी के सहयोग से स्थापित यह दूसरा ऐसा केंद्र है। इससे पहले Indian Institute of Technology Delhi, केंद्रीय विद्युत विनियामक आयोग और ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड के सहयोग से भी एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केंद्र भविष्य में नीति निर्माण, नियामकीय सुधार और ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार को नई गति देगा। साथ ही, यह संस्थान विद्युत क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों, विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के लिए राष्ट्रीय स्तर का ज्ञान केंद्र भी बनेगा।








