---Advertisement---

राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन में उत्तराखंड मॉडल की चर्चा, जैविक खेती पर बड़ा फोकस

नई दिल्ली/देहरादून। नई दिल्ली के पूसा परिसर में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-खरीफ अभियान 2026 के समापन कार्यक्रम में उत्तराखंड के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हिस्सा लिया। केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan की अध्यक्षता और गुजरात के राज्यपाल Acharya Devvrat की मौजूदगी में आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के कृषि विशेषज्ञों, अधिकारियों और राज्यों के कृषि मंत्रियों ने खेती-किसानी से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथन किया।

सम्मेलन में खरीफ फसल की तैयारियों, कृषि चुनौतियों और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर विस्तृत चर्चा हुई। कृषि मंत्री Ganesh Joshi ने कहा कि ऐसे सम्मेलन राज्यों और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ कृषि क्षेत्र के भविष्य की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां विभिन्न फसलों के उत्पादन के लिए बेहद अनुकूल हैं।

गणेश जोशी ने बताया कि खरीफ सत्र 2026 के लिए प्रदेश में बीज, खाद और उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब 90 प्रतिशत किसान लघु और सीमान्त श्रेणी के हैं, जिसके कारण आधुनिक कृषि तकनीकों को लागू करना चुनौतीपूर्ण होता है। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार क्लस्टर खेती को बढ़ावा दे रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जैविक और प्राकृतिक खेती को विशेष प्राथमिकता दे रही है। “धरती माता बचाओ अभियान” के तहत किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग और जैविक खेती के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।

कृषि मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक करीब 2.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती की जा रही है, जो कुल कृषि क्षेत्र का लगभग 40 प्रतिशत है। इसके अलावा 337 जैविक आउटलेट स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मिलेट फसलों को बढ़ावा देने के लिए 134.89 करोड़ रुपये की स्टेट मिलेट पॉलिसी भी लागू की गई है।

Related Post

LATEST Post

---Advertisement---