रानीखेत। उत्तराखंड के प्रमुख सचिव RK Sudhanshu ने शनिवार को रानीखेत में विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा करते हुए अधिकारियों को वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के लक्ष्य के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। अपने प्रथम नियुक्ति स्थल पर पहुंचे सुधांशु ने वर्ष 2000 से 2026 तक हुए विकास कार्यों का पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से आकलन किया।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि जीवन रेखा होती हैं। इसलिए सुरक्षित और सुगम यातायात को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
बैठक में जिलाधिकारी Anshul Singh को सभी विकास योजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। वन विभाग को विकास कार्यों के लिए आवश्यक अनुमति में अनावश्यक देरी न करने को कहा गया। साथ ही मानव-वन्यजीव संघर्ष और वन क्षेत्र की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सुधार के लिए भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को जनसंतोष के आकलन के लिए प्रभावी फीडबैक प्रणाली विकसित करने और अस्पतालों में मजबूत शिकायत निवारण व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
पर्यटन के क्षेत्र में सुधांशु ने “हाई वैल्यू-लो वॉल्यूम” मॉडल अपनाने और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि रानीखेत में वेलनेस और नेचुरोपैथी आधारित पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाना चाहिए।
प्रमुख सचिव ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए Artificial Intelligence के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने सभी विभागों को लक्ष्य आधारित योजनाएं बनाकर नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
बैठक के बाद उन्होंने स्थानीय विधायक प्रमोद नैनवाल और अन्य जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनके सुझाव भी लिए। अधिकारियों के साथ यह बैठक रानीखेत और उत्तराखंड के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।








