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Pushkar Singh Dhami का बड़ा बयान—देवभूमि की संस्कृति पर क्यों दिया खास जोर?

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने कहा है कि देवभूमि की आध्यात्मिक पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों को हर हाल में सुरक्षित रखा जाएगा। वह देहरादून के सेलाकुई स्थित आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित भव्य मां भगवती जागरण कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की सनातन परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं, जिन्हें संरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद Narendra Modi के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का दौर शुरू हुआ है।

मुख्यमंत्री ने अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि देश की आस्था और स्वाभिमान की पुनर्स्थापना का प्रतीक है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक और केदारनाथ पुनर्निर्माण जैसे प्रोजेक्ट्स का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे भारत की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊर्जा मिली है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 की आपदा के बाद Kedarnath Temple का पुनर्निर्माण तेजी से हुआ और आज यह विश्व के सामने एक भव्य रूप में स्थापित है। साथ ही 22 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक तीन लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो आस्था का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने शीतकालीन यात्रा की शुरुआत को भी महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने आदि कैलाश यात्रा के बाद सीमांत क्षेत्रों में बढ़ते पर्यटन का भी जिक्र किया।

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