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“दिल्ली में विरोध, राज्य में समर्थन?”—विशेष सत्र पर बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

महिला आरक्षण के मुद्दे पर उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा के विशेष सत्र का स्वागत करते हुए कांग्रेस के प्रदर्शन को राजनीतिक दिखावा बताया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनका रुख विरोधाभासी और भ्रामक है।

मीडिया से बातचीत में भट्ट ने कहा कि संसद के विशेष सत्र में ‘नारी शक्ति वंदन’ विधेयक का कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा विरोध किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ कदम बताते हुए कहा कि इससे देशभर की महिलाओं में आक्रोश है और वे लोकतांत्रिक तरीके से इसका जवाब देना चाहती हैं।

उन्होंने कहा कि जनभावनाओं का सम्मान करने और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने के उद्देश्य से 28 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस सत्र के माध्यम से राज्य की जनता की एकजुट राय देश के सामने रखी जाएगी।

भट्ट ने विधानसभा के बाहर कांग्रेस द्वारा किए गए धरने को “राजनीतिक ढोंग” करार देते हुए कहा कि जो पार्टी केंद्र में महिला आरक्षण का विरोध करती है, वही राज्य में इसके समर्थन का प्रस्ताव लाने की बात कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने पिछले रुख से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के प्रदर्शन कर रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में महिला आरक्षण के पक्ष में होती, तो संसद में प्रस्तुत संशोधन का समर्थन करती। इससे देश की संसद और सभी विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित हो सकता था।

भट्ट के बयान के बाद राज्य में महिला आरक्षण को लेकर सियासी बहस और तेज हो गई है।

 

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