देहरादून। उत्तराखंड में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को नया बाजार देने के लिए जिला प्रशासन ने अहम पहल शुरू की है। Dehradun के जिलाधिकारी सविन बंसल ने कालसी क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों और उत्पादन इकाइयों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्थानीय उत्पादों को ऑनलाइन बाजार से जोड़ा जाए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने हरिपुर स्थित महिला समूह द्वारा संचालित कोल्ड प्रेस्ड ऑयल यूनिट, कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर और डेयरी फार्म का जायजा लिया। उन्होंने उत्पादन की गुणवत्ता, प्रक्रिया और महिलाओं की आजीविका से जुड़े पहलुओं की जानकारी लेते हुए कहा कि इन उत्पादों को अधिक व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के लिए Google Maps पर पंजीकरण कराया जाए, ताकि उपभोक्ता आसानी से इन तक पहुंच सकें।
कोटी कालसी ग्रोथ सेंटर में तैयार किए जा रहे एप्पल जैम, चटनी और अदरक कैंडी जैसे उत्पादों को लेकर डीएम ने अधिकारियों को इनके प्रचार-प्रसार और विपणन के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने केंद्र में पानी की समस्या के समाधान के लिए भी संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने अमृत सरोवर (धोईरा) का निरीक्षण कर वहां जल संरक्षण और सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने मत्स्य विभाग को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाए और सरोवर के प्रचार को बढ़ाया जाए, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
कालसी डेयरी फार्म के निरीक्षण के दौरान उन्होंने पशुपालन व्यवस्थाओं और दुग्ध उत्पादन की स्थिति का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि योजनाओं का संचालन तय मानकों के अनुसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों को अधिकतम लाभ मिल सके।








