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रुड़की में जनता दरबार लगा मंत्री बत्रा का सख्त संदेश, अफसरों की बढ़ी जिम्मेदारी

क्षेत्रीय समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार को कैनाल रोड स्थित अपने कैंप कार्यालय (सेवा केंद्र) में उन्होंने जनता दरबार लगाकर लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही सख्त निर्देश जारी किए।

मंत्री बत्रा ने प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जल संस्थान के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट नहीं होना चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि जल आपूर्ति सुचारू रखने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए। वहीं, ऊर्जा निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जहां भी बिजली फॉल्ट की सूचना मिले, वहां तुरंत पहुंचकर समस्या का समाधान किया जाए, ताकि बिजली आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।

तहसील और चकबंदी से जुड़ी शिकायतों पर भी मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न कटवाए जाएं। सभी अधिकारी समय पर कार्यालय पहुंचें और निर्धारित समय तक ड्यूटी करें। देर से आने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी उन्होंने कही।

मंत्री बत्रा ने यह भी कहा कि कई शिकायतें ऐसी मिल रही हैं, जिनमें लोग घंटों तक अधिकारियों का इंतजार करते रहते हैं। इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों के बैठने और पेयजल की उचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।

इस दौरान उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के विजन और पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार जनहित योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसके अलावा, मंत्री बत्रा ने सोलानी नदी पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्माण एजेंसी को गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विश्वास जताया कि कुंभ 2027 से पहले नए पुल से यातायात शुरू हो जाएगा।

 

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