मांडू (रामगढ़)। मांडू प्रखंड के ग्राम गरगाली इंदिराबाद में सार्वजनिक जमीन पर कथित कब्जे को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है। शुक्रवार को गांव के सैकड़ों महिला-पुरुषों ने अंचलाधिकारी को आवेदन सौंपकर सार्वजनिक उपयोग की जमीन को भू माफियाओं से बचाने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग फर्जी कागजात के आधार पर खाता नंबर 52, प्लॉट नंबर 211 स्थित गर्मजुरवा जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने आवेदन में कहा है कि उक्त जमीन का उपयोग पिछले लगभग 40 वर्षों से गांव के लोग सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए करते आ रहे हैं। यहां हर वर्ष बरध खुटा पूजा, मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। साथ ही गांव के बच्चे और युवा इसी मैदान में क्रिकेट और फुटबॉल जैसे खेल भी खेलते हैं।
ग्रामीण शिव शंकर गंझू, संतोष भगत गंझू और कपिल गंझू ने बताया कि इस जमीन के आसपास उनकी खत्यानी रैयती जमीन है और उनके पूर्वजों का भी इस स्थल पर वर्षों से दखल-कब्जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह जमीन गांव की पहचान और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा बन चुकी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को बताया कि बरध खुटा पूजा मेले में बरगेया सहित आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों लोग शामिल होते हैं। मेले में झूमर, नागपुरी नृत्य, ढोल-नगाड़ा और लोकगीतों का आयोजन किया जाता है, जिसका लोग भरपूर आनंद उठाते हैं। इसके अलावा मेले में स्थानीय व्यंजन और मिठाइयों की दुकानें भी सजती हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उक्त जमीन को सार्वजनिक स्थल घोषित कर अतिक्रमण और अवैध कब्जे से मुक्त रखा जाए। आवेदन सौंपने वालों में चुरामन गंझू, रवि गंझू, फूलचंद गंझू, दिलीप तूरी, सुखलाल गंझू, देवचरण गंझू समेत बड़ी संख्या में महिला और पुरुष ग्रामीण शामिल थे।








