लालकुआं। Lalkuan के बिंदुखत्ता क्षेत्र में राजस्व गांव की अधिसूचना जारी कराने की मांग को लेकर आंदोलन तेज हो गया है। वन अधिकार संगठन और पूर्व सैनिक संगठन के संयुक्त तत्वावधान में शहीद स्मारक, बिंदुखत्ता में दो दिवसीय क्रमिक अनशन और जनसभा का भव्य शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई, जिसके बाद पहले दिन करीब 11 लोगों ने भूख हड़ताल शुरू की। अनशन पर बैठने वालों में अर्जुन नाथ गोस्वामी, संध्या तलाकोटी, ममता बिष्ट, मोहनी मेहता, प्रकाश उत्तराखंडी और कई अन्य स्थानीय लोग शामिल रहे। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और क्षेत्रवासियों ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन जताया।
आंदोलनकारियों का कहना है कि बिंदुखत्ता को राजस्व गांव घोषित करने की प्रक्रिया लंबे समय से लंबित है। जिला स्तरीय वन अधिकार समिति ने जून 2024 में इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसके बाद अक्टूबर 2024 में तत्कालीन मुख्य सचिव द्वारा भी इस मामले में आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।
हालांकि, हाल ही में शासन ने यह कहते हुए फाइल वापस जिला प्रशासन को लौटा दी कि वन अधिकार अधिनियम 2006 के तहत राजस्व गांव की अधिसूचना जारी करने का अधिकार जिला स्तरीय समिति के पास ही है। इस निर्णय से क्षेत्र के लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।
धरना स्थल पर मौजूद नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अधिसूचना जारी नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में Van Adhikar Sangathan के अध्यक्ष उमेश भट्ट समेत कई पूर्व सैनिक और स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद रहे।








