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स्वच्छ देहरादून मिशन पर बड़ा एक्शन, कूड़ा प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश

 देहरादून। जनपद में स्वच्छता व्यवस्था को नई मजबूती देने और कूड़ा प्रबंधन प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार से नगर निगम, नगर निकायों और कैंटोन्मेंट बोर्ड के अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक कर कूड़ा उठान एवं निस्तारण व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को अल्पकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं तैयार कर धरातल पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ देहरादून का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब सभी विभाग आपसी समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल कार्यालयों में बैठकर समीक्षा करने के बजाय क्षेत्र में जाकर वास्तविक समस्याओं का आकलन करें और उनके स्थायी समाधान तलाशें। जमीनी हकीकत को समझकर तैयार की गई योजनाएं ही बेहतर परिणाम दे सकती हैं।

डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि अब कूड़ा संग्रहण, परिवहन और निस्तारण से जुड़े कार्यों की माइक्रो स्तर पर निगरानी की जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी और नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सभी निकायों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे स्थानों की पहचान करें, जहां बार-बार कूड़ा डंप किया जाता है, और वहां स्थायी समाधान लागू करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करें।

जिलाधिकारी ने नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत, जिला पंचायत और कैंटोन्मेंट बोर्ड के अधिकारियों को कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा नागरिकों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने आम जनता से भी सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि स्ट्रीट लाइट, ट्रैफिक सिग्नल, सड़क, नाली, कूड़ा या अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की फोटो और लोकेशन डीआईपीआर देहरादून के फेसबुक पेज पर साझा की जा सकती है। इन शिकायतों पर संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन का मानना है कि जनभागीदारी और प्रभावी प्रशासनिक निगरानी के माध्यम से देहरादून को स्वच्छता के क्षेत्र में एक आदर्श शहर बनाया जा सकता है।

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