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ईद की नमाज के बाद गिद्दी कोयलांचल में गूंजी अमन-चैन की दुआ, दिखी भाईचारे की मिसाल

रामगढ़ जिले के गिद्दी कोयलांचल क्षेत्र में ईद-उल-अजहा का पर्व धार्मिक उत्साह, भाईचारे और अमन-चैन की दुआओं के साथ श्रद्धापूर्वक मनाया गया। डाड़ी प्रखंड के गिद्दी, रेलीगढ़ा, मोढ़ा, डोका बेड़ा, मिश्राइन मोढ़ा और हुवाग स्थित जामा मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की। नमाज के दौरान देश में शांति, तरक्की और खुशहाली के लिए विशेष दुआ मांगी गई।

गिद्दी जामा मस्जिद में इमाम मौलाना तनवीर अहमद कादरी ने नमाज अदा कराई, जबकि डोका बेड़ा स्थित रजा मस्जिद में इमाम कारी शकील हाशमती साहब ने नमाज पढ़ाई और लोगों को कुर्बानी के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि ईद-उल-अजहा त्याग, बलिदान और इंसानियत का संदेश देने वाला पर्व है। अल्लाह के प्रति समर्पण और जरूरतमंदों की मदद ही इस त्योहार की असली भावना है।

नमाज के बाद सभी लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। मस्जिदों के बाहर लोगों में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। इसके बाद लोगों ने अपने-अपने घरों में धार्मिक परंपरा के अनुसार बकरे की कुर्बानी दी।

इस अवसर पर गिद्दी जामा मस्जिद में अब्दुल रऊफ, भोला खान, अनवर खान, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद इनाम, मोहम्मद सलीम, मोहम्मद हमीद, नौशाद उर्फ बबन, रौनक अली, सुभान अहमद, मोहम्मद जब्बार और अन्य बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। वहीं डोका बेड़ा में मोहम्मद यूनुस, मोहम्मद इम्तियाज, मोहम्मद असलम, मोहम्मद फरीद, मोहम्मद शाहबाज और अन्य लोगों ने नमाज अदा की।

पूरे कोयलांचल क्षेत्र में ईद-उल-अजहा का पर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसने आपसी भाईचारे और सामाजिक एकता की खूबसूरत मिसाल पेश की।

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