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पौड़ी में पेयजल संकट पर प्रशासन सख्त, कई इलाकों में शुरू हुई त्वरित कार्रवाई

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में पेयजल समस्याओं को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आ रहा है। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देश पर सभी तहसीलों में उपजिलाधिकारियों द्वारा पेयजल आपूर्ति की स्थिति की रोजाना समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में कोटद्वार में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में जल संस्थान के अधिकारियों और सहायक अभियंताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति पर चर्चा की गई। उपजिलाधिकारी ने राजस्व निरीक्षकों से स्थलीय सत्यापन रिपोर्ट प्राप्त की, जिसमें कई इलाकों में पानी की समस्या सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार गाड़ीघाट स्थित गिंवई स्रोत पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में जलापूर्ति बाधित पाई गई। वहीं पनियाली, सिताबपुर, लालपुर और पदमपुर सुखरो क्षेत्रों में कम दबाव के कारण लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। कई स्थानों पर केवल सुबह सीमित समय के लिए ही जलापूर्ति होने की जानकारी मिली।

इसके अलावा उमरावपुर और जशोधरपुर किशनपुर सहित कुछ अन्य इलाकों में भी कई परिवार पेयजल संकट से प्रभावित पाए गए। अधिकारियों ने बताया कि गिंवई स्रोत में मोटर खराब होने के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई थी, जिसे अब ठीक कर दिया गया है और जलापूर्ति दोबारा सुचारू कर दी गई है।

जल संस्थान के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि कई वार्डों में जलस्तर कम होने की वजह से भूतल तक तो पानी पहुंच रहा है, लेकिन दबाव कम होने के कारण पहली मंजिल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। वहीं उमरावपुर और जशोधरपुर क्षेत्रों में ट्यूबवेल निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति भी सुनिश्चित की है। उपजिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पेयजल व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए त्वरित समाधान किया जाए।

बैठक में सहायक अभियंता बृजमोहन रावत, देवकी नंदन, किरण कुमार, त्रिभुवन गंसाई और शूरवीर सिंह चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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