गोला (रामगढ़)। गोला प्रखंड में औद्योगिक इकाइयों से फैल रहे कथित प्रदूषण का मामला अब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) तक पहुंच गया है। रामगढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और सामाजिक कार्यकर्ता बिनू कुमार महतो ‘युवा टाइगर’ ने क्षेत्र में बढ़ते वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण और पर्यावरणीय क्षति को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए एनजीटी को पत्र भेजा है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने इस मामले में झारखंड सरकार के प्रदूषण नियंत्रण विभाग से विस्तृत जवाब मांगा है।
बिनू कुमार महतो ने कहा कि गोला प्रखंड कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में जाना जाता है, लेकिन पिछले कई वर्षों से यहां संचालित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं और उड़ती राख स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए खतरा बनती जा रही है। उनका आरोप है कि क्षेत्र की कई फैक्ट्रियां पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन नहीं कर रही हैं, जिससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोग प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ औद्योगिक इकाइयों के आसपास विद्यालय भी स्थित हैं, जहां पढ़ने वाले बच्चों पर प्रदूषण का प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सांस संबंधी बीमारियों के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है। इसके अलावा खेतों, जल स्रोतों और पेड़-पौधों पर भी प्रदूषण का असर दिखाई दे रहा है।
बिनू कुमार महतो ने आरोप लगाया कि फैक्ट्रियों से निकलने वाली फ्लाई ऐश और धूल आसपास के तालाबों, कुओं और कृषि भूमि तक पहुंच रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागों से निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित प्रबंधन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता को स्वच्छ वातावरण में जीवन जीने का अधिकार है और प्रदूषण से मुक्ति दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने एनजीटी और राज्य सरकार से मामले में त्वरित हस्तक्षेप की अपील की है।








