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युवक की मौत के बाद मचा हड़कंप, आखिर कैसे मिला परिवार को 10 लाख का मुआवजा?

 रामगढ़। रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड अंतर्गत डिमरा गांव में एक दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ित आदिवासी परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। जेएलकेएम के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो के हस्तक्षेप और लगातार प्रयासों के बाद मृतक के परिजनों को यह आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।

जानकारी के अनुसार डिमरा निवासी धनेश्वर बेदिया के पुत्र अमित बेदिया बीती रात लगभग 12 बजे डेरा के बाहर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद परिजन उन्हें तत्काल इलाज के लिए रिम्स, रांची लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवक की असामयिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

घटना की जानकारी मिलने पर मृतक के पिता धनेश्वर बेदिया और भाई दीपक बेदिया ने जेएलकेएम नेता देवेन्द्र नाथ महतो से संपर्क कर न्याय और आर्थिक सहायता की मांग की। सूचना मिलते ही देवेन्द्र नाथ महतो रिम्स पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने संबंधित ठेकेदार और अन्य पक्षों से लगातार बातचीत शुरू की। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने के लिए घंटों तक वार्ता और प्रयास किए गए। लंबे संघर्ष और लगातार हस्तक्षेप के बाद संबंधित ठेकेदार अंततः मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की नगद मुआवजा राशि देने पर सहमत हो गया। इसके बाद मामले का समाधान हो सका।

देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अपने युवा बेटे को खोना अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता कभी भी किसी की जिंदगी की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन संकट की इस घड़ी में यह परिवार के लिए सहारा जरूर बन सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और अधिकार पहुंचाना जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। इस मामले में मुआवजा मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है और सहायता के लिए सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया है।

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