देहरादून में ईद-उल-अजहा के मौके पर मुस्लिम सेवा संगठन की ओर से एक अलग और सामाजिक सौहार्द का संदेश देने वाली पहल देखने को मिली। ईदगाह में नमाज अदा करने के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं ने हाथों में बैनर और प्ले कार्ड लेकर गाय को राष्ट्र पशु घोषित करने की मांग उठाई। कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखते हुए भाईचारे, एकता और पशु संरक्षण का संदेश दिया।
मुस्लिम सेवा संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। देश के करोड़ों लोग गाय को आस्था और सम्मान की दृष्टि से देखते हैं। उन्होंने कहा कि समाज में आपसी प्रेम और सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और मुस्लिम समाज हमेशा से देश की एकता और भाईचारे का समर्थक रहा है।
आकिब कुरैशी ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि गाय संरक्षण को लेकर और अधिक ठोस तथा प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि गाय को राष्ट्र पशु घोषित किया जाता है तो इससे उसके संरक्षण और संवर्धन को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही समाज में सकारात्मक संदेश भी जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने “गाय को राष्ट्र पशु घोषित करो” और “पशु संरक्षण हमारा दायित्व” जैसे संदेश लिखे प्ले कार्ड हाथों में लेकर अपनी मांग रखी। आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और वहां मौजूद लोगों ने भी इस पहल को सामाजिक सौहार्द से जोड़कर देखा।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का विवाद पैदा करना नहीं, बल्कि समाज में एकता, प्रेम और जिम्मेदारी का संदेश देना है। उन्होंने कहा कि पशु संरक्षण केवल एक समुदाय का नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है।
ईद के मौके पर इस तरह की पहल ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और सोशल मीडिया पर भी इस कार्यक्रम की चर्चा होती रही। कई लोगों ने इसे सामाजिक सद्भाव और सकारात्मक सोच का प्रतीक बताया।








