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हरिद्वार, उज्जैन और नासिक कुंभ को लेकर अखाड़ा परिषद की बड़ी तैयारी शुरू

हरिद्वार में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने आगामी कुंभ मेलों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि नासिक, उज्जैन और हरिद्वार में आयोजित होने वाले कुंभ मेलों को दिव्य और भव्य स्वरूप देने के लिए अखाड़ा परिषद लगातार सक्रिय रूप से काम कर रही है। संत समाज और अखाड़ों की सुविधाओं को लेकर विभिन्न राज्य सरकारों के साथ लगातार चर्चा की जा रही है।

श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने बताया कि वर्ष 2028 में मध्य प्रदेश के उज्जैन में होने वाले महाकुंभ मेले की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ महत्वपूर्ण बैठक की गई। इस बैठक में अखाड़ों और संतों के लिए अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी गई, ताकि श्रद्धालुओं और साधु-संतों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 में महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित होने वाले महाकुंभ को लेकर भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के साथ लगातार वार्ताएं चल रही हैं। अखाड़ा परिषद की ओर से संतों और अखाड़ों को बेहतर व्यवस्थाएं देने का प्रस्ताव रखा गया, जिस पर मुख्यमंत्री फड़नवीस ने सहमति जताते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी जारी कर दिए हैं।

रविंद्रपुरी महाराज ने बताया कि अगले वर्ष हरिद्वार में भी कुंभ मेले का आयोजन प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध धर्मनगरी है और यहां होने वाला कुंभ मेला सनातन संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है। हरिद्वार कुंभ के जरिए पूरी दुनिया में सकारात्मक संदेश जाएगा।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ की तैयारियों को लेकर जल्द ही अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरी और अन्य संतों के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की जाएगी। बैठक में संत समाज की सुविधाओं, सुरक्षा और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा होगी।

अखाड़ा परिषद का कहना है कि आने वाले कुंभ मेलों को ऐतिहासिक और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी स्तरों पर तैयारी शुरू कर दी गई है।

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