UPES ने समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी अपने विशेष “प्रोजेक्ट प्रोत्साहन” के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित समुदायों के छात्रों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करा रही है। इस पहल का उद्देश्य ऐसे मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाना है, जो अपने परिवार की पहली पीढ़ी के छात्र हैं और संसाधनों की कमी के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते।
देहरादून स्थित मल्टीडिसिप्लिनरी यूनिवर्सिटी UPES ने Purkal Youth Development Society (पीवाईडीएस) के साथ साझेदारी कर यह स्कॉलरशिप प्रोग्राम शुरू किया है। इसके तहत योग्य छात्रों को फुल स्कॉलरशिप प्रदान की जा रही है, जिससे वे टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बना सकें। विश्वविद्यालय का मानना है कि प्रतिभा केवल संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि सही अवसर मिलने पर कोई भी छात्र सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
UPES की यह पहल सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार बनाने पर भी केंद्रित है। विश्वविद्यालय छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक तकनीकी संसाधन और करियर मार्गदर्शन उपलब्ध करा रहा है, ताकि वे प्रतिस्पर्धी दुनिया में अपनी पहचान बना सकें।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की पहल समाज में शिक्षा के समान अवसर सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खासकर ग्रामीण और कमजोर वर्गों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह पहल नई उम्मीद लेकर आई है। UPES का यह प्रयास उन छात्रों के लिए प्रेरणादायक साबित हो रहा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में इस पहल का दायरा और बढ़ाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद छात्रों को लाभ मिल सके और वे टेक्नोलॉजी तथा इनोवेशन के क्षेत्र में अपना भविष्य संवार सकें।








