देहरादून में आयोजित जनता दरबार में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जहां जिलाधिकारी सविन बंसल ने 239 शिकायतों पर सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित इस जन दर्शन कार्यक्रम में भूमि विवाद, सीमांकन, अवैध कब्जा, स्कूल फीस माफी, आर्थिक सहायता और बिजली-पानी बिल जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से सामने आए।
जनता दरबार में सबसे अधिक शिकायतें स्कूल फीस माफी से जुड़ी रहीं। जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान कई संवेदनशील मामलों में तत्काल राहत भी प्रदान की गई। एक बुजुर्ग महिला नीलम ने आर्थिक तंगी के चलते पानी के बिल में राहत की गुहार लगाई, जिस पर जिलाधिकारी ने आंशिक भुगतान का निर्देश देते हुए शेष राशि जिला प्रशासन द्वारा वहन करने का निर्णय लिया।
इसी प्रकार देहरादून निवासी गंगा राम को पुत्री विवाह हेतु 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए, जबकि मालदेवता निवासी संध्या रमोला के पति के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई गई।
अजबपुर कलां निवासी जरीना बानो के मामले में, जिन्हें उनके पुत्र द्वारा घर से निकाल दिया गया था, जिलाधिकारी ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं और विधवाओं के मामलों में ‘प्रोजेक्ट नंदा-सुनंदा’ के तहत सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
कई छात्राओं की स्कूल फीस माफी के लिए भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा गया, जिससे जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल सके। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और किसी भी फरियादी को निराश नहीं लौटाया जाएगा।
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