बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए सही खानपान को बेहद जरूरी बताते हुए विशेषज्ञों ने जंक फूड से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। देहरादून स्थित ग्राफिक एरा मेडिकल कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन ‘उत्तराखंड पेडिकॉन 2026’ में देशभर से आए बाल रोग विशेषज्ञों ने शिशु और बाल स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) के इस वार्षिक सम्मेलन में 250 से अधिक विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान कुपोषण, टीकाकरण, संक्रामक रोगों की रोकथाम, संतुलित आहार, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी और बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास जैसे विषयों पर गहन मंथन किया गया। इस दौरान 60 से अधिक शोध पत्र भी प्रस्तुत किए गए, जिनमें नई चिकित्सा तकनीकों और नवाचारों पर विशेष जोर रहा।
मुख्य अतिथि प्रो. मीनू सिंह और विशिष्ट अतिथि प्रो. अशोक देओरारी ने सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन किया। विशेषज्ञों ने कहा कि बच्चों में बढ़ती बीमारियों का एक बड़ा कारण असंतुलित खानपान और जंक फूड का अधिक सेवन है।
ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. शांतनु शुभम ने कहा कि “जंक फूड से दूरी ही स्वस्थ और संतुलित बचपन की असली कुंजी है।” उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को पौष्टिक आहार दें और उनकी खानपान की आदतों पर विशेष ध्यान रखें।
इस सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा अस्पताल के पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजी विभाग और IAP उत्तराखंड के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ चिकित्सक और विशेषज्ञ भी मौजूद रहे, जिन्होंने बाल स्वास्थ्य से जुड़े नवीनतम रुझानों पर अपने विचार साझा किए।








