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जुबिन गर्ग मौत मामला: BNS धारा 103(हत्या) जोड़ी गई, जांच फास्ट ट्रैक पर

गुवाहाटी। असम के प्रसिद्ध गायक और संगीतकार जुबिन गर्ग की सिंगापुर में हुई रहस्यमयी मौत के मामले में असम पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। 19 सितंबर को डूबने से हुई उनकी मौत को अब हत्या के एंगल से जांचा जा रहा है। असम पुलिस के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने केस नंबर 18/2025 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 जोड़ दी है, जो हत्या के लिये सजा का प्रावधान करती है। इसके अलावा, एक नया केस (19/2025) भी दर्ज किया गया है, जिसमें धाराएं 316(5), 336(5), 337, 338, 339, 340(2), 341(1), और 342(1) शामिल हैं।

मामले का विवरण

जुबिन गर्ग सिंगापुर में एक निजी कार्यक्रम के सिलसिले में गये थे, जहां 19 सितंबर को एक यॉट पर स्कूबा डाइविंग के दौरान उनकी डूबने से मौत हो गई। शुरुआत में इसे दुर्घटना माना गया, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और उनकी पत्नी गरिमा सइकिया गर्ग की शिकायत के बाद संदेह गहरा गया। गरिमा ने सिंगापुर में रहे कुछ व्यक्तियों पर सुनियोजित हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद असम पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया, जिसकी अगुवाई चीफ इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर रोजी कलिता और स्पेशल DGP एम.पी. गुप्ता कर रहे हैं।

जांच में प्रगति

27 सितंबर: SIT ने गुवाहाटी में श्यामकानु महंत के घर पर छापा मारा। अभिनेत्री निशिता गोस्वामी, संगीतकार शेखर ज्योति गोस्वामी, और अमृतप्रभा महंत को पूछताछ के लिए बुलाया गया।

30 सितंबर: सिंगापुर पुलिस के सहयोग से मुख्य आरोपी श्यामकानु महंत (दिल्ली एयरपोर्ट से) और सिद्धार्थ शर्मा (गुरुग्राम से) को गिरफ्तार किया गया। दोनों को गुवाहाटी लाकर 14 दिन की पुलिस कस्टडी (1 अक्टूबर से) में रखा गया है।

2 अक्टूबर: SIT की पूछताछ, सिंगापुर से प्राप्त फोन डेटा, और CCTV फुटेज के आधार पर BNS धारा 103 जोड़ी गई। यह धारा हत्या के लिए सजा (मौत, आजीवन कारावास, या जुर्माना) निर्धारित करती है। अन्य धाराओं में 61(2) (आपराधिक षड्यंत्र), 105 (गैर-इरादतन हत्या), और 106(1) (लापरवाही से मौत) शामिल हैं।

धारा 103 (BNS) का मतलब

BNS की धारा 103 हत्या के लिए सजा को परिभाषित करती है:

सामान्य हत्या: मौत की सजा, आजीवन कारावास, और जुर्माना।

सामूहिक हत्या: यदि पांच या अधिक लोग जाति, भाषा, या नस्ल के आधार पर हत्या करते हैं, तो मौत या आजीवन कारावास के साथ जुर्माना।
यह धारा पुरानी IPC धारा 302 का विकल्प है, लेकिन सामूहिक अपराधों पर अधिक सख्ती जोड़ती है।

जांच की स्थिति

SIT सिंगापुर पुलिस के साथ मिलकर फॉरेंसिक रिपोर्ट, यॉट के CCTV फुटेज, और जुबिन के फोन डेटा की जांच कर रही है। म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी (MLAT) के तहत सहयोग लिया जा रहा है। परिवार का कहना है, “जुबिन की मौत दुर्घटना नहीं, सुनियोजित हत्या थी। हमें न्याय मिलेगा।” असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तेज और निष्पक्ष जांच के आदेश दिये हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर CBI को शामिल किया जा सकता है। फिलहाल यह जांच फास्ट ट्रैक पर चल रही है।

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