भराड़ीसैंण। उत्तराखंड में महिलाओं की आर्थिकी को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन ग्राम्य विकास मंत्री **गणेश जोशी** ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। इस दौरान मंत्री जोशी ने महिला समूहों के उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना की और उन्हें प्रदेश की अर्थव्यवस्था की सशक्त धुरी बताया।
मंत्री जोशी ने कहा कि उत्तराखंड में आज **4 लाख से अधिक महिलाएं** स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को “लखपति दीदी” बनाने का था, लेकिन उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता से यह संख्या लक्ष्य से कहीं अधिक होने जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में 3 करोड़ लखपति दीदी तैयार करने का संकल्प लिया है और इसमें उत्तराखंड की महिलाएं देशभर के लिए मिसाल पेश कर रही हैं। मंत्री जोशी ने यह भी कहा कि स्वयं सहायता समूह केवल आजीविका बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गांव-गांव में स्वावलंबन और उद्यमिता की नई कहानियां गढ़ रहे हैं।
ग्राम्य विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये प्रयास महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तराखंड की महिलाएं न सिर्फ अपनी आजीविका मजबूत करेंगी, बल्कि समाज में **प्रेरणा शक्ति** के रूप में भी पहचान बनाएंगी।
इस अवसर पर राजपुर विधायक खजान दास, कैंट विधायक सविता कपूर, धनौल्टी विधायक प्रीतम पंवार और सल्ट विधायक महेश जीना भी मौजूद रहे। सभी ने महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें प्रदेश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बताया।








