देहरादून। शहर के समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से तैयार किए जा रहे मास्टर प्लान 2041 को लेकर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अहम जानकारी साझा की है। बंशीधर तिवारी ने बताया कि यह मास्टर प्लान देहरादून के भविष्य की रूपरेखा तय करने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज होगा।
उन्होंने कहा कि इस बार मास्टर प्लान को पूरी तरह जनसहभागिता पर आधारित बनाया जा रहा है, ताकि हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। तिवारी के अनुसार, कन्वेंशन सेंटर, हेल्थ सिटी और गिफ्ट सिटी जैसी परियोजनाएं शहर की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगी और निवेश के नए अवसर प्रदान करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य देहरादून को सुव्यवस्थित, आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल शहर के रूप में विकसित करना है।
वहीं मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि मास्टर प्लान 2041 को पारदर्शी और जनहितकारी बनाने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वार्ड स्तर पर कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां नागरिक अपनी आपत्तियां और सुझाव दर्ज करा सकेंगे।
बर्निया ने कहा कि नई समिति के गठन के माध्यम से सभी आपत्तियों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके साथ ही शहर के संतुलित विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि किसी भी क्षेत्र में असंतुलन न उत्पन्न हो।
एमडीडीए का मानना है कि यह मास्टर प्लान न केवल शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगा। आने वाले वर्षों में देहरादून को एक स्मार्ट, सुव्यवस्थित और सतत विकास वाले शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।








