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अपनों की प्रताड़ना से टूटीं विधवाएं, जनता दरबार में छलका दर्द, प्रशासन हुआ सख्त

देहरादून।
अपनों की उपेक्षा, प्रताड़ना और अन्याय झेल रही बुजुर्ग एवं असहाय विधवाओं की करूण कहानियाँ सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दरबार में सामने आईं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में पीड़ितों की व्यथा सुन प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और कई मामलों में मौके पर ही राहत दिलाई।

जनता दरबार में भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, अतिक्रमण, मारपीट, भरण-पोषण, आपदा क्षतिपूर्ति, आर्थिक सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कुल **190 शिकायतें** दर्ज की गईं। इनमें से अधिकांश शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों को अग्रसारित करते हुए विधिसम्मत एवं समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार के दौरान मानव पीड़ा और सामाजिक संवेदनहीनता की कई मार्मिक तस्वीरें सामने आईं। **80 वर्षीय विधवा कांता देवी** ने रोते हुए बताया कि उनके दोनों पुत्रों ने उन्हें घर से निकाल दिया है और उनकी स्वयं की भूमि पर झोपड़ी तक नहीं बनाने दी जा रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम सदर को **भरण-पोषण एवं वरिष्ठ नागरिक संरक्षण अधिनियम** के तहत वाद दर्ज करने के निर्देश दिए गए।

इसी प्रकार **डोईवाला निवासी 85 वर्षीय विधवा कमला देवी** और **चंद्रबनी निवासी विधवा पुष्पा देवी** ने अपने पुत्र एवं पुत्रवधू द्वारा मारपीट कर घर से निकालने और संपत्ति हड़पने की शिकायत दर्ज कराई। इन दोनों मामलों में भी भरण-पोषण अधिनियम के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

कांवली निवासी **उमा देवी** ने ससुराल पक्ष पर संपत्ति के अधिकार से वंचित करने का आरोप लगाते हुए अपने बच्चों के नाम संपत्ति दर्ज कराने की मांग रखी, जिस पर संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार में एक अन्य मार्मिक मामला सामने आया, जहां एक व्यक्ति ने निजी अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के बाद संक्रमण फैलने और इलाज में लापरवाही की शिकायत की। पीड़ित ने बताया कि इस कठिन समय में परिजनों ने भी उसका साथ छोड़ दिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सरकारी अस्पताल में तत्काल समुचित इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

**डोईवाला निवासी 56 वर्षीय विधवा सुनीता देवी** अपनी छोटी बेटी के साथ जनता दरबार पहुंचीं। उन्होंने बताया कि कैंसर पीड़ित पति के इलाज के लिए उन्होंने अपनी एक बीघा भूमि बेच दी थी, लेकिन पति की मृत्यु के बाद खरीदार ने शेष भूमि पर भी अवैध कब्जा कर लिया। इस पर एसडीएम एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को जांच कर पीड़िता को भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए।

इसके अतिरिक्त, **85 वर्षीय विक्रम सिंह** ने पैतृक भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई, वहीं भाऊवाला निवासी **दिलवर सिंह** ने निजी भूमि से कब्जा हटवाने की मांग रखी। ग्राम पंचायत भीतरली में ग्राम समाज की भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सहस्रधारा निवासी **विकास कुमार** ने आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चे की स्कूल फीस माफ कराने की अपील की, जिस पर अधिकारियों को सहानुभूतिपूर्वक विचार करने के निर्देश दिए गए।

जनता दरबार में एसडीएम अपूर्वा सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वी.के. ढौडियाल, डीपीओ जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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