रुड़की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने हाल ही में दिए अपने एक अनजाने वक्तव्य पर उठे विवाद के बाद आज गुरुद्वारे में पहुंचकर जूता सेवा कर प्रायश्चित किया। उन्होंने कहा कि गलती स्वीकार करना और उसे सुधारने का साहस ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।
रविवार को रावत रुड़की स्थित एक गुरुद्वारे पहुंचे, जहां उन्होंने सिख समाज से विनम्रता के साथ माफी मांगी और कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं था। गुरुद्वारे में सेवा करते हुए उन्होंने बताया कि सिख परंपरा हमें सिखाती है कि सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता, और माफी मांगने के बाद सेवा करना ही सच्ची मानवता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब इस मामले को अनावश्यक रूप से तूल नहीं देना चाहिए और समाज में सौहार्द बनाए रखना सबसे जरूरी है। रावत के इस कदम को स्थानीय लोगों और सिख समाज ने एक सकारात्मक और सम्मानजनक पहल के रूप में देखा।
यह घटना इस बात की reminder है कि सार्वजनिक जीवन में विनम्रता और उत्तरदायित्व दोनों ही नेतृत्व के मूल गुण हैं।








