छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पोटेनार और कचीलवार के जंगलों में बुधवार को हुई भीषण मुठभेड़ में मारे गए 18 नक्सलियों के शव बरामद कर गुरुवार को जिला मुख्यालय लाए गए। इनमें से 16 नक्सलियों की पहचान हो चुकी है, जिन पर कुल 1 करोड़ 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इन मृतकों में 9 महिला नक्सली भी शामिल हैं।
गुरुवार को प्रेसवार्ता में बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. और बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि मारे गए नक्सलियों में पीएलजीए कंपनी नंबर 2 और कंपनी नंबर 7 के सक्रिय सदस्य शामिल थे। इनमें 10 लाख के इनामी कमांडर वेल्ला मोड़ियम की मौत को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। मुठभेड़ स्थल से कुल 19 हथियार—एके-47, एलएमजी से लेकर ऑटोमैटिक राइफल—बरामद किए गए हैं।
आईजी ने बताया कि पिछले 19 महीनों में सुरक्षाबलों ने प्रदेश में कुल 469 नक्सलियों को मार गिराया है। उन्होंने चेतावनी दी कि बचे हुए नक्सली जल्द आत्मसमर्पण कर दें, अन्यथा उन्हें कठोर कार्रवाई का सामना करना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार, सुरक्षा बल और स्थानीय जनता मिलकर वामपंथी उग्रवाद के अंत की दिशा में निर्णायक प्रयास कर रहे हैं।
सर्च ऑपरेशन और मुठभेड़ का विवरण
एसपी डॉ. यादव ने बताया कि डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ और सीआरपीएफ कोबरा की संयुक्त टीमों ने 25–30 सशस्त्र नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर क्षेत्र में व्यापक सर्च अभियान चलाया। यह मुठभेड़ 3 दिसंबर सुबह 9 बजे शुरू हुई और लगभग 24 घंटे बाद 4 दिसंबर सुबह 8 बजे समाप्त हुई।
मुठभेड़ स्थल से 18 नक्सलियों के शव मिले, जिनमें कंपनी नंबर 2 के डीव्हीसीएम वेल्ला मोड़ियम, सोनू ओयाम और कंपनी नंबर 7 के सन्नू अवलम सहित कई वांछित नक्सली शामिल थे।
इनामी नक्सलियों की प्रमुख सूची
मारे गए 16 नक्सलियों में से प्रमुख नाम इस प्रकार हैं—
* डीव्हीसीएम वेल्ला मोड़ियम (इनाम 10 लाख)
* सीवायपीसी रैनु ओयाम (8 लाख)
* डीव्हीसीएम सन्नू अवलम (8 लाख)
* पीपीसीएम नंदा मीड़ियम (8 लाख)
* पीपीसीएम लालू उर्फ सीताराम (8 लाख)
* पीपीसीएम राजू पूनेम (8 लाख)
* पीपीसीएम लक्ष्मी ताती (8 लाख)
* पीपीसीएम सोमड़ी कुंजाम (8 लाख)
* पीएममासे उर्फ शांति (8 लाख)
* पीएम रीना मरकाम (8 लाख)
* पीएम सोनी मारवी (8 लाख)
* पीएम संगीता पदम (8 लाख)
बाकी दो मृतकों की पहचान जारी है।
अभियान की बड़ी सफलता
2025 में अब तक बीजापुर जिले में हुई मुठभेड़ों में 161 नक्सली मारे गए, 546 गिरफ्तार हुए और 560 ने आत्मसमर्पण किया। जनवरी 2024 से अब तक पूरे जिले में 219 नक्सली मारे गए, 1049 गिरफ्तार हुए और 790 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया है।
आईजी सुंदरराज ने अपने वक्तव्य में शहीद जवानों मोनू बड़दी, दूकरू राम गोंडे और रमेश सोढ़ी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका बलिदान बस्तर क्षेत्र में शांति स्थापना के लिए सदैव प्रेरणा देगा।








