बागेश्वर। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के विज़न को साकार करता हुआ सुदूर पर्वतीय क्षेत्र कपकोट अब राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बना रहा है। शांत पहाड़ियों और ग्रामीण परिवेश से घिरा कपकोट क्षेत्र अब एडवेंचर टूरिज्म के मानचित्र पर मजबूती से उभरता हुआ दिखाई दे रहा है।
5 फरवरी से बागेश्वर जनपद में आयोजित पांच दिवसीय **राष्ट्रीय एक्युरेसी पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता** ने कपकोट को देशभर के रोमांच प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना दिया। जालेख की पहाड़ियों से उड़ान भरते रंग-बिरंगे पैराग्लाइडरों ने कपकोट के आसमान को उत्सव में बदल दिया। यह दृश्य स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी अविस्मरणीय रहा।
देश के विभिन्न राज्यों से आए कुल 92 पायलटों ने प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण कराया, जिनमें से 78 प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। हजारों की संख्या में पहुंचे स्थानीय दर्शकों और पर्यटकों ने यह स्पष्ट कर दिया कि कपकोट में साहसिक खेलों को लेकर अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे एवं क्षेत्रीय विधायक सुरेश गड़िया ने किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने इसे बागेश्वर जिले के लिए ऐतिहासिक पहल बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हुए युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित करते हैं।
प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण और सुरक्षा से जुड़े सत्रों का आयोजन किया गया, जिससे आयोजन का स्तर पूरी तरह पेशेवर नजर आया। विशेषज्ञों के अनुसार कपकोट का भौगोलिक वातावरण पैराग्लाइडिंग, ट्रैकिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों के लिए बेहद अनुकूल है।
समापन समारोह में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने स्वयं जालेख से पैराग्लाइडिंग कर इस रोमांच का अनुभव लिया। उन्होंने कहा कि *“कपकोट–बागेश्वर अब एडवेंचर टूरिज्म के एक नए और उभरते गंतव्य के रूप में स्थापित हो चुका है। आने वाले समय में इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।”*








