रुड़की। सीएसआईआर–केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई), रुड़की में आयोजित “एक स्वास्थ्य, एक विश्व 2025” वैश्विक सम्मेलन का दूसरा दिन वैज्ञानिक चर्चाओं, विशेषज्ञ व्याख्यानों और तकनीकी प्रदर्शनों के नाम रहा। पूरे दिन चले इस महत्वपूर्ण आयोजन में देशभर के प्रोफेसरों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने आपदा न्यूनीकरण, शहरी सुरक्षा और सतत बुनियादी ढांचे पर अपनी विशेषज्ञ राय रखी।
सम्मेलन के प्रमुख सत्रों में प्रतिष्ठित वक्ताओं ने वास्तविक चुनौतियों, नई तकनीकों और भविष्य के जोखिमों पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दीं।
आईआईटी मद्रास के प्रसिद्ध संरचना इंजीनियर प्रोफेसर सी.वी.आर. मूर्ति ने शहरी सुरक्षा, भूकंपरोधी भवनों, और आपदा-सहनशील संरचनाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच सुरक्षित निर्माण अब अत्यंत आवश्यक हो गया है।
पुणे की बी.जी. श्रीके कंस्ट्रक्शन टेक प्राइवेट लिमिटेड के विशेषज्ञ योगेश पी. काजले ने आधुनिक निर्माण तकनीकों, उन्नत बुनियादी ढांचा प्रबंधन और कुशल परियोजना निष्पादन के तरीकों पर जानकारी साझा की।
वहीं उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र, देहरादून के डॉ. शांतनु सरकार ने भूस्खलन-प्रवण इलाकों को लेकर गंभीर चेतावनी दी और ऐसे क्षेत्रों में आपदा न्यूनीकरण के लिए वैज्ञानिक हस्तक्षेप की आवश्यकता बताई।
व्याख्यानों के साथ-साथ सम्मेलन में एक विशेष प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें प्रतिभागियों के लिए सीबीआरआई की नवीन अनुसंधान उपलब्धियाँ, उभरती तकनीकें और नवाचार प्रदर्शित किए गए।
सत्रों के बाद प्रतिभागियों ने सीएसआईआर–सीबीआरआई परिसर का अवलोकन किया, जहाँ उन्होंने प्रदर्शनी गैलरी, राष्ट्रीय भूकंप इंजीनियरिंग परीक्षण सुविधा, भू-तकनीकी परीक्षण केंद्र, 3डी कंक्रीट प्रिंटिंग लैब, अग्नि अनुसंधान प्रयोगशाला, ग्रामीण प्रौद्योगिकी पार्क, उन्नत कम्पोजिट लैब और निर्माण प्रौद्योगिकी प्रदर्शन पार्क का निरीक्षण किया।
दूसरे दिन का आयोजन वैज्ञानिक चर्चाओं, उच्च स्तरीय ज्ञान-साझा और भविष्य के सुरक्षित बुनियादी ढांचे को लेकर तैयार की गई रणनीतियों के लिए यादगार रहा।








