देहरादून। प्रदेश में बढ़ती गर्मी और संभावित हीटवेव के खतरे को देखते हुए सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक में सभी स्कूलों में नियमित अंतराल पर ‘वॉटर बेल’ बजाने के निर्देश दिए हैं, ताकि छात्र-छात्राएं समय-समय पर पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके।
बैठक में निर्देश दिए गए कि स्कूलों के समय में आवश्यकतानुसार बदलाव किया जाए और कक्षाओं में पर्याप्त वेंटिलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही विद्यालयों में ओआरएस, आवश्यक दवाइयों का भंडारण तथा विद्यार्थियों को हीटवेव से बचाव के उपायों की जानकारी देना अनिवार्य किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि गर्मी के मौसम में बच्चों की सेहत सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पानी की कमी है, वहां निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक लगाई जाए। साथ ही बस स्टैंड, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
राज्यभर में हीटवेव से निपटने के लिए प्रत्येक जिले में एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और राहत कार्य किए जाएंगे। इसके अलावा 24×7 कंट्रोल रूम संचालित कर किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट करते हुए निर्देश दिए गए हैं कि सभी अस्पतालों में हीटवेव से प्रभावित मरीजों के लिए पर्याप्त बेड, दवाइयां, ओआरएस और आइस पैक उपलब्ध रहें। एम्बुलेंस सेवाओं में भी जरूरी संसाधन अनिवार्य किए गए हैं और मेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया है।
श्रमिकों और खुले में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कार्य समय में बदलाव, छायादार विश्राम स्थल, पानी और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर कूलिंग स्पेस और प्याऊ स्थापित करने तथा जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।








