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वर्षों से बसे ग्रामीणों को मिलेगा जमीन का अधिकार? प्रशासन को मिली प्राथमिकता की हिदायत

देहरादून।  मसूरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गल्जवाड़ी गांव में आबादी भूमि और मालिकाना हक के मुद्दे को लेकर सरकार ने गंभीर पहल शुरू कर दी है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री **गणेश जोशी** ने अपने कैंप कार्यालय में राजस्व विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।

बैठक में मंत्री जोशी ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत वर्षों से निवास कर रहे ग्रामीणों को आबादी भूमि पर मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लंबे समय से रह रहे परिवारों को भूमि अधिकार मिलने से उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि इस मामले में अनावश्यक देरी न हो और सभी आवश्यक राजस्व औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि भूमि संबंधी अभिलेखों का सत्यापन कर पात्र लाभार्थियों की सूची तैयार की जाए, ताकि पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से निर्णय लिया जा सके।

बैठक में राजस्व सचिव डॉ. एस.एन. पांडेय, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, तहसीलदार देहरादून सुरेंद्र सिंह और गल्जवाड़ी पंचायत की पूर्व प्रधान लीला शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और प्रक्रियात्मक पहलुओं की जानकारी मंत्री को दी।

गौरतलब है कि गल्जवाड़ी गांव के कई परिवार वर्षों से आबादी भूमि पर निवास कर रहे हैं, लेकिन मालिकाना हक न होने के कारण उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार की यह पहल ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

मंत्री जोशी ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार ग्रामीणों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस मामले का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

 

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